रमजान पर मेहरबानी, नवरात्र पर सख्ती

संविधान की शपथ लेने वाली सरकार, वोट बैंक की राजनीति में धर्म विशेष से जुड़े लोगों के लिए आदेश क्यों जारी करती है. आखिर कब तक चलता रहेगा, धर्म विशेष के लिए प्रेम. ऐसे आदेश का निरंतर विरोध होना चाहिए, विरोध होता है तो आदेश वापस भी होता है और आदेश में सुधार भी होता है. ताजा मामला राजस्थान और दिल्ली का है.  विस्तार से जानकारी चाहिए तो देखिए ये वीडियो - 


आपको तो पता ही है कि 2 अप्रैल से देश में नवरात्र चल रहा है ... 10 अप्रैल को रामनवमी है ... संयोग से इसी महीने 4 अप्रैल से रमजान का महीना शुरू हो गया ... ऐसे में, राजस्थान की गहलोत सरकार ने रोजेदारों को ध्यान में रखते हुए एक ऐसा कदम उठाया कि ... उसकी जानकारी मिलते ही सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की कांग्रेस सरकार लगातार ट्रोल होने लगी ... 

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृह नगर जोधपुर और राजस्थान की राजधानी जयपुर से विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के कार्यालय से एक विशेष आदेश जारी हुआ ... कहा जा रहा है कि ये आदेश प्रदेश के दो मंत्रियों जाहिदा खान और ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी के कहने पर जारी हुआ .. 

विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के आदेश में कहा गया कि 4 अप्रैल से रमजान का महीना शुरू हो रहा है ... गर्मी के मौसम को देखते हुए रोजेदारों को कोई परेशानी न हो ... इसलिए मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में बिजली कटौती नहीं की जाएगी ... इस आदेश को जब वोट बैंक की तुष्टीकरण की नीति से जोड़ा जाने लगा ... लोग खुलकर सोशल मीडिया के माध्यम से विरोध करने लगे ... उसके बाद राजस्थान सरकार मुस्लिम तुष्टीकरण के पत्र में सुधार करते हुए एक शुद्धि पत्र जारी किया ... जिसमें कहा गया कि सभी धर्मों के त्योहारों को देखते हुए सभी क्षेत्र में निर्बाध रूप से बिजली आपूर्ति हो ... बाधा आने पर उसे तत्काल प्रभाव ठीक करने की व्यवस्था की जाए ... 

अब बात दिल्ली की ... नए तरह की राजनीति करने का वादा करके दिल्ली के मुख्यमंत्री बने केजरीवाल ...सबसे अधिक तुष्टीकरण की राजनीति करने वाले नेता बन गए ... उन्होंने रमजान के अवसर पर पूरे महीने रोजेदारों को रोजाना 2 घंटे की विशेष छुट्टी देने का ऐलान कर दिया ... 

दिल्ली जल बोर्ड द्वारा जारी किए आदेश में साफ-साफ लिखा है कि रमजान के महीनों में मुस्लिम कर्मचारियों को प्रतिदिन 2 घंटे की छोटी छुट्टी रहेगी ... इन दिनों नवरात्र चल रहा है ... जबकि इस पर केजरीवाल सरकार मौन है ... 

आस्था और त्योहार को देखते हुए ... केवल विशेष समुदाय मुस्लिम को छुट्टी दिया जाना पंथ निरपेक्ष सरकार का काम नहीं है ... इसके बाद नवरात्र के लिए भी छुट्टियों की मांग शुरू हो गई ... सोशल मीडिया के माध्यम से मुहिम चलाया जाने लगा ... केजरीवाल सरकार के मुस्लिम प्रेम का पर्दाफाश होते ही ... आम आदमी पार्टी की सरकार ने ... 24 घंटे के भीतर रोजेदारों को दी जा ही 2 घंटे रोजाना की छुट्टी वाले आदेश को वापस ले लिया ... यानि छुट्टी रद्द कर दिया... इस तरह से केजरीवाल की सरकार एक बार फिर यू-टर्न वाली सरकार साबित हुई ...

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