सम्मानित बंधु
नमस्कार।
बरनवाल बंधुओं की प्रतिनिधि संस्था है बरनवाल वैश्य सभा दिल्ली (पं.)। संस्था ने प्रारंभिक तौर पर छह माह में एक बार पत्रिका 'बरन पुंज" प्रकाशित करा रहा है - पहला अंक जनवरी-जून आैर दूसरा अंक जून-दिसंबर। पत्रिका तीन साल से नियमित रूप से प्रकाशित हो रही है। पत्रिका अपने प्रारंभिक चरण को पार कर दूसरे चरण की तैयारी में है। पत्रिका को त्रैमासिक करने की योजना पर काम हो रहा है। भविष्य में इसे मासिक किया जाएगा। बरन पुंज पत्रिका इस समय दिल्ली, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, दक्षिण बिहार, झारखंड समेत कई राज्यों में डाक से भेजी जा रही है।
पत्रिका प्रकाशन करने के पीछे संस्था का उद्देश्य समाज के लोगों में लेखन क्षमता बढ़ाना, साहित्य के प्रति रूचि जगाना, पढ़ने को प्रेरित करना, सहयोग की भावना का विकास करना आदि है।
बरनवाल वैश्य सभा दिल्ली (पं.) के नाम ग्यारह सौ रुपए देकर पत्रिका का आजीवन सदस्य बन सकते हैं। पत्रिका का सदस्य बनने की यही एक कैटेगरी संस्था ने तय किया है। सदस्यता अहस्तांरित रहेगी।
पत्रिका में लेख, समाचार, सूचना, ज्ञानबद्र्धक जानकारी, चुटकुला, कहानी, कविता आदि समाज से जुड़ा कोई भी व्यक्ति भेज सकते हैं लेकिन पत्रिका के सदस्यों को वरीयता दी जाएगी।
पत्रिका में आप अपने संस्थानों, प्रतिष्ठानों व शुभकामनाओं के अलावा वैवाहिक विज्ञापन, शोक संदेश, बधाई संदेश भी प्रकाशित करा सकते हैं। विज्ञापन के लिए बरन पुंज की टीम से संपर्क कर सकते हैं।
विज्ञापन दर प्रति अंक (ब्लैक एंड व्हाइट)
वैवाहिक विज्ञापन : ढाई सौ रुपए
बधाई/ शुभकामना/ शोक संदेश : पांच सौ रुपए
एक चौथाई पृष्ठ : पांच सौ रुपए
अद्र्ध पृष्ठ : एक हजार रुपए
पूर्ण पृष्ठ : दो हजार रुपए
नोट : विशेष प्रकार के विज्ञापन के लिए ऑन द स्पॉट पत्रिका की टीम बातचीत के आधार पर तय करेगी।
आपका शुभेच्छु
दीपक कुमार (राजा)
बरन पुंज, संपादक
सचिव (मीडिया), बरनवाल वैश्य सभा, दिल्ली (पं.)
09312381305
नमस्कार।
बरनवाल बंधुओं की प्रतिनिधि संस्था है बरनवाल वैश्य सभा दिल्ली (पं.)। संस्था ने प्रारंभिक तौर पर छह माह में एक बार पत्रिका 'बरन पुंज" प्रकाशित करा रहा है - पहला अंक जनवरी-जून आैर दूसरा अंक जून-दिसंबर। पत्रिका तीन साल से नियमित रूप से प्रकाशित हो रही है। पत्रिका अपने प्रारंभिक चरण को पार कर दूसरे चरण की तैयारी में है। पत्रिका को त्रैमासिक करने की योजना पर काम हो रहा है। भविष्य में इसे मासिक किया जाएगा। बरन पुंज पत्रिका इस समय दिल्ली, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, दक्षिण बिहार, झारखंड समेत कई राज्यों में डाक से भेजी जा रही है।
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बरनवाल वैश्य सभा दिल्ली (पं.) के नाम ग्यारह सौ रुपए देकर पत्रिका का आजीवन सदस्य बन सकते हैं। पत्रिका का सदस्य बनने की यही एक कैटेगरी संस्था ने तय किया है। सदस्यता अहस्तांरित रहेगी।
पत्रिका में लेख, समाचार, सूचना, ज्ञानबद्र्धक जानकारी, चुटकुला, कहानी, कविता आदि समाज से जुड़ा कोई भी व्यक्ति भेज सकते हैं लेकिन पत्रिका के सदस्यों को वरीयता दी जाएगी।
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वैवाहिक विज्ञापन : ढाई सौ रुपए
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एक चौथाई पृष्ठ : पांच सौ रुपए
अद्र्ध पृष्ठ : एक हजार रुपए
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नोट : विशेष प्रकार के विज्ञापन के लिए ऑन द स्पॉट पत्रिका की टीम बातचीत के आधार पर तय करेगी।
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दीपक कुमार (राजा)
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